सूरतगढ़ में मेह के कुछ क्षण….
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अठखेलियां करता हिरण..
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वैशाख और जेठ की संधि पर थार के नहरी खेतों पर एक नजर वीडियो के रूप में .. वीडियो का संगीत इंटरनेट से लिया गया है.
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एक चिडि़या है और उसका घोंसला है .. किसी भी पक्षी के घोंसले की तरफ अनजान व्यक्ति, पशु या पक्षी जाता है तो मां बेचैन हो जाती है. उसकी बेचैनी को इस वीडियो में देखा जा सकता है ..
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थार में रेवड़
थार में गडरियों, चरवाहों को हर साल, हर दिन लंबी यात्रा करनी पड़ती है. एक छोटा सा वीडियो इस पर भी…
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हिरणों की डार
रिडमलसर के इलाके में विचरता हिरणों का समूह. वीडियो काफी दूर से शूट किया गया है..
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मेह के बाद के खेत..
इस वीडियो में जेठ में मेह के बाद भीगे खेत हैं और गीली गीली मेड़ भी. टिटहरी और तीतर की आवाज इसमें सुनी जा सकती है. वीडियो चलती रेल से शूट किया गया है. यह हमारी शुरुआती वीडियो रहा ….
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बूढ़ी नानी.
राजस्थान में हर पहले मेह यानी बारिश की बूदों के बाद एक छोटा, रेशमी मुलायम जीव धरती पर दिखता है. हम बचपन से ही इसे बूढ़ी नानी कहते रहे हैं. यह होता भी बूढी नानी की तरह कोमल और आंखों को सुहाने वाला है. इस जीव की वैज्ञानिक वंशावली और नाम पता नहीं, आप वीडियो देखें ….
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great Prithvi Bhaiya….
it’s truly awesome…..Gaon ki yaad aa gai….
amity….
raman
By: raman on March 28, 2009
at 12:01 am
U r better than best and suprb btwn all of us.
By: tribhuvun on March 29, 2009
at 6:14 pm
Arreeeeeeeeeeeee Tauaaaaaaaaa g kamaal karate hain. kya gzb ka gaon dikhate ho!
By: chiku on March 29, 2009
at 6:20 pm
great prithvi ji……….
By: Satyanarayan soni on March 29, 2009
at 7:59 pm
Great,
good work on Rajasthan.
By: Suresh Trivedi on April 3, 2009
at 5:29 pm
बूढी नानी खूब लगी, बधाई..
vinod nokhwal
By: Vinod Nokhwal on April 21, 2009
at 1:02 pm
beautiful sir,
मैं राजस्थान से बहुत ही गहरे से जुड़ी हुई हूं.. मेरे 12 साल राजस्थान में ही बीते हैं…
राजस्थानी संस्कृति से मेरा गहरा लगाव है. ऐसा गांव मेरा हो तो मुझे बहुत खुशी होगी..
बहुत अच्छे सर..
By: chanchala kumari on April 23, 2009
at 4:20 pm
पृथ्वी जी, आप तो गांव को जीवंत रखे हुए हैं … बधाई ..
By: AJAY KUMAR SONI on June 16, 2009
at 5:41 pm
भाई,
बहुत अच्छा लगा, अति सुंदर .. बधाई.
हम तो आवाज हैं दीवारों से छन जाते हैं..
By: vinod nokhwal on June 23, 2009
at 4:08 pm
मैं nohar से बहुत ही गहरे से जुड़ हूं.. मेरे 31साल राजस्थान में ही बीते हैं…
राजस्थानी संस्कृति से मेरा गहरा लगाव है. ऐसा गांव मेरा हो तो मुझे बहुत खुशी होगी..
बहुत अच्छे सर..
By: budhi prakash joshi on September 3, 2009
at 1:08 pm
आपने नोहर के सिद्धार्थ नाम के लड़के के साथ अपनी मुलाकात की बातें ब्लाग पर लिखी थीं.. कृपया वे दोबारा दें.
By: Kesari Chand on November 11, 2009
at 3:07 pm
आपने ये वीडियो दिखा कर मन भर दिया,
i am very happy to see these videos.
By: nandeshwar on December 2, 2009
at 2:31 pm
मैं राजस्थान के नोहर का रहने वाला हूं . मुझे मेरा गांव बहुत अच्छा लगता है. नोहर जैसा गांव सबका हो.
By: aslamkhan on December 7, 2009
at 10:28 am