‘मैं जयपुर के राजमंदिर को देखकर हैरान रह गया. ऐसा कोई सिनेमाघर अमेरिका में नहीं है.’- पाल शरेडर (टेक्सी ड्राइवर सहित अनेक चर्चित हालीवुड फिल्मों के स्क्रीनप्ले लेखक जिन्होंने पिछले साल कहा कि सिनेमा मर चुका है.)

जयपुर - पर्यटकों के लिए पसंदीदा गंतव्य है राजमंदिर
राजमंदिर जो हर राजस्थानी के दिल में सपना बनकर धड़कता है और जिसकी चर्चा के बिना जयुपर यात्रा का वर्णन पूरा हो ही नहीं सकता! थार की एक पीढ़ी है जो राजमंदिर को देखने या राजमंदिर में फिल्म देखने के सपने के साथ बड़ी हुई. एक पीढ़ी जिसकी कल्पनाओं में तरह तरह के राजमंदिर उकरते रहे हैं. हैरानी नहीं होगी कि किसी सर्वे में जयपुर के सबसे चर्चित और इच्छित गंतव्य स्थलों में राजमंदिर सिनेमा सामने आ जाए.
हो भी क्यों नहीं. 70 एमएम सिंगल स्क्रीन वाला राजमंदिर देश के उन चुनिंदा सिनेमाघरों में से हैं जो डीटी और मल्टीप्लेक्स के मौजूदा दौर में भी शानो शौकत के साथ चल रहे हैं. बदलते जमाने की धूल राजमंदिर की दीवारों पर नहीं जम सकी है.
भगवानदास रोड पर पांच बत्ती सर्किल के पास स्थित है राजमंदिर थियेटर या सिनेमाघर!
राजमंदिर की शुरुआत हुई एक जून 1976 को चरस फिल्म के साथ. इसके डिजाइन का श्रेय विख्यात वास्तुविद डब्ल्यू एम नमजोशी को जाता है. उन्होंने इस सिनेमाघर का भवन ‘ आर्ट माडर्ने’ तरीके में बनाने की योजना बनाई. इस भवन की आंतरिक साज सज्जा व बाहरी रूप दोनों ही अनूठे हैं. भवन के सामने का हिस्सा पत्तियों या पुष्प दल रूप में हैं. पोस्टर वाली लहर पर नौ सितारे या तारे बने हैं. ऊपर की दो दीवारी लहरों पर ‘The Showplace of the Nation – Experience the Excellence’ अंकित है. रात में जब इसका आमुख रोशनी में नहाया होता है तो उसकी शोभा देखते ही बनती है.

रात में राजमंदिर - एक मनोहारी दृश्य.
भवन की आंतरिक साज सज्जा मनोहारी है. शायद देश के किसी भी सिनेमाघर में सबसे बड़ी लाबी.. और रोशनी व्यवस्था देख तो दर्शक दांतों तले अंगुली दबा लेते हैं. प्लास्टर से बनी पत्तियों के पीछे से झांकती रोशनी जिसका रंग बदलता रहता है. बालकनी में जाने के लिए सीढियों के बजाए लंबा रैंप बना है. राजमंदिर भारत के सबसे चर्चित सिनेमाघर भवनों में से एक है और इसकी तुलना हालीवुड, केलिफोर्निया के ग्राउमैनस चाइनीज थियेटर से की जाती है. कहते हैं कि यह दुनिया का एक मात्र सिनेमाघर है जो पर्यटक केंद्र या टूरिस्ट प्लेस के रूप में पंजीबद्ध है.
Tags: Raj madir cinema, Rajmandir Theater history, M I Road, Rajasthani movies


बहुत खूब लिखा… अच्छी पोस्ट..
By: sandeep on September 14, 2009
at 7:37 pm
Good…
By: Dharmendra Pant on September 20, 2009
at 2:21 pm